Sunday, August 30, 2009

ज्‍वर चिकित्‍सा नुस्‍खा – होमियोपैथिक चिकित्‍सा – 1

1 – साधारण ज्‍वर मेंएकोनाईट नैप 3 एक्‍स या 30 शक्‍ति की 1 बूँद में 1 खुराक जवान के लिए तथा एक बूँद में 3 खुराक 10 से 15 साल उमग्र वालों के लिए एव बूँद में 4 खुराक 5 से 10 साल के उम्र वाले के लिए और 1 बूँद में खुराक 1 से 5 वर्ष के बच्‍चों के लिए प्रयोग करें। एकोनाइट 3 एक्‍स का प्रयोग डिस्‍टिल्‍डवाटर में करना चाहिए।

2 – 12 बजे से दो बजे दिन या रात में ज्‍वर का आक्रमण हो और जलन, प्‍यास रहे, गर्म पसन्‍द हो, ठंडा जल पीने पर कै हो जाय तो आर्सेंनिक एलबम 3 एक्‍स, 12 – 30 शक्‍ति का प्रति 3 घण्‍टा का अन्‍तर देकर ठण्‍डा जल से सेवन करना चाहिए।

3 - वर्षा के पानी में भींगने के कारण ज्‍वर की अस्‍थिरता अधिक हो, जो परिश्रम करने पर आराम बोध हो, जीभ पर त्रिभुज की तरह लाल लकीर पडी हो तो रसटक्‍स 30 शक्‍ति को पहले तीन तीन घण्‍टा पर एक खुराक प्रयोग करें। यदि 36 घण्‍टों में कमी न हो तो शक्‍ति बढ़ा दें, अगर उससे भी फायदा न हो तो दवा बन्‍द कर देना चाहिये। चूँकि साधारण ज्‍वर की मियाद 3 दिन तक रहती है।

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